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हैल्थ सप्पलीमेंट्स क्या होते हैं और क्यों जरूरी हैं? what is Health or Food Supplements and Why are Essential?

दोस्तों, 
हम सभी अपनी और अपनों की सेहत के लियें हमेशा जागरूक रहते हैं और समय और बढ़ती उम्र के साथ सेहत का ध्यान रखने की जरुरत बढ़ती जा रही है।

चाहे बात छोटी बड़ी या गंभीर बीमारी की हो  या महामारी अब सबकी चिंता का विषय बन गया है।
सेहत को अच्छा रखना प्राचीन काल से ही दैनिक विषय रहा । 
वर्तमान काल में अधिकांश लोग बीमार होने पर ही सेहत के जागरूक होते हैं।
कुछ सामान्य बातों को समझकर और दैनिक जीवन में उनपर अमल करके हम अपनी और अपनी फैमिली मैंबर्स की सेहत को बेहतर कर सकते हैं और बेहतर बनाये भी रख सकते हैं और ऐसा करना अब हम सबकी प्राथमिकता भी होनी चाहिए।

अच्छी सेहत के लिये देश दुनियाँ में फूड सप्पलीमेंट्स जिन्हें हैल्थ सप्पलीमेंट्स भी कहा जाता है का  प्रचलन काफी वक्त से चल रहा है और समाज के ज्यादातर उच्च वर्ग, उच्च अधिकारी, राजनीतिक, राजनयिक, मैनेजमेंट पदाधिकारी, स्पोर्टपरसन्स , सुरक्षा तंत्र से जुड़े लोग, तेज भाग दौड़ करने वाले बहुत से लोग इनकी उपयोगिता जानकर काफी लंबे वक्त से उपयोग करते आ रहे हैं। 
अब समाज में मीडिल क्लास में अब इनकी
चर्चा कुछ समय से होने लगी है और इसके फायदे जानकर, देखकर अब तेजी से इनका उपयोग बढ़ रहा है।
लेकिन अभी भी फूड सप्पलीमेंट्स यानी हैल्थ सप्पलीमेंट्स के बारें सही और पूर्ण जानकारी के अभाव ने समाज के बड़े वर्ग को इस सेहतमंद खजाने से दूर ही रखा है। इस विषय में सही और पूर्ण जानकारी देकर शंकाओं को आसानी से दूर किया जा सकता है और हर व्यक्ति इनसे अपनी और अपनी फैमिली की सेहत को बेहतर करने और बनाये रखने में बहुत आसानी से सफल हो सकता है।

सरल भाषा में इस लेख का यही मुख्य उदेश्य है कि:-
फूड सप्पलीमेंट्स क्या हैं?
शरीर को इनकी जरूरत क्यों है?
कब लें?
कब तक लें?
न लेने से क्या नुकसान हैं?

मानव मशीन,एक प्राकृतिक मशीन: 

जैसा कि हम जानते हैं कि हमारा शरीर खरबों कोशिकाओं से बना है , अलग अलग  प्रकार की कोशिकाओं से खास प्रकार के ऊतक यानी  टिश्यू बनते हैं और अगल अलग प्रकार के इन टिश्यूज से अलग अलग प्रकार के अंग यानी और्गन्स  बनते  हैं , इस सभी अंगों के एक दूसरे से सूक्ष्म तालमेल करते हुये ही शरीर की क्रियायें होती हैं।


   ऊर्जा एक जरूरत:

शरीर को हर शारीरिक और मानसिक  कामों को करने के ऊर्जा की जरूरत होती है जिसे शरीर खुद नहीं बनाता । शरीर को ये ऊर्जा विभिन्न प्रकार के पौष्टिक तत्वों जैसे - विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन, फैट, फाइबर  के रूप में रोजाना  पर्याप्त मात्रा में  चाहिए होते हैं और ये तत्व भोजन के भोजन से मिलते हैं।

शरीर पानी और आक्सीजन  की मदद से भोजन से इन सब तत्वों को निकाल कर शरीर की इस ऊर्जा जरूरत को पूरा करने की कोशिश करता है ।

किसी एक प्रकार के भोजन में ये सभी पौष्टिक तत्व नहीं मिलते हैं इसीलिए भोजन में विविधता रखनी पड़ती है।
सामान्य व्यक्ति क़ो रोजाना  1 ग्राम प्रति किलो वजन के हिसाब से प्रोटीन चाहिये विटामिन्स और मिनरल्स के लिये दैनिक भोजन का एक तिहाई यानी कम से कम 30% हिस्सा फल और सब्जियां होना चाहिए।फैट के लिये मेवे, घी, मक्खन की अल्प मात्रा से काम चल जाता है सभी अनाजों, फल और सब्जियों से फाइबर मिल ही  जाता है और  पानी की उचित मात्रा तापमान, शारीरिक श्रम और वजन पर  निर्भर करती है।

दैनिक भोजन में अनाज, दालें, सब्जी, फल, मेवे संतुलित और पर्याप्त मात्रा लेने की जरूरत होती है अन्यथा शरीर को जरूरी मात्रा में ऊर्जा नहीं मिल पायेगी ,फिर कोशिकायेंऔर उनसे बनने वाले टिश्यूज, अंग सभी कमजोर होकर कम  ही काम करेगें ,इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है और बीमार होने की संभावनाएं बढ़ जाती है, दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में सामान्य सेहत पाने भी लंबा समय लगता है और सभी गंभीर बीमारियों का मूल कारण भी इन पौष्टिक तत्वों.की कमी या अभाव ही पाया जाता है।
भोजन, पानी और हवा में खतरनाक रसायनों की मिलावट ने कोशिकाओं पर कहर बरपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

अधिक उत्पादन करने की सोच से किसान बगैर सोचे ,समझे अंधाधुंध मात्रा में कीटनाशक, रासायनिक खादों और अन्य रसायनों का धड़ल्ले से फसलों, सब्जियों और फलों पर झिड़काव कर रहे हैं और ये हानिकारक रसायन धोने पर भी खत्म नहीं होते ।
बचा हुआ हिस्सा भोजन,  पानी  और हवा में मिलकर  रोजाना हमारे शरीर में इन हानिकारक तत्वों की मात्रा बढ़ाये जा रहा है।
इन हानिकारक तत्वों को फ्री रैडिकल्स या ओक्सीडेन्ट कहा जाता है और ये हमारे शरीर की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करने लगती है,जिससे टिश्यू और अंग भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
सभी वैज्ञानिक अध्ययनों मे यह पाया गया है कि सभी बीमारियों का मूल कारण पौष्टिक तत्वों की कमी या अभाव और ओक्सीडेन्ट/ फ्री रैडिकल्स होते हैं।

क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को मरम्मत करने और फ्री रैडिकल्स को नष्ट करने के लिये शरीर पौष्टिक तत्वों की दैनिक खुराक से मिलने वाली मात्रा से अतिरिक्त मात्रा की जरूरत होती है ।
इस अतिरिक्त मात्रा को लेने के लिये रोजाना दैनिक भोजन की मात्रा और विविधता बढ़ानी होगी जो हर किसी के लिये रोजाना संभव नहीं है।
फूड या हैल्थ सप्पलीमेंट्स इस समस्या का आसान और सुलभ समाधान है।
बहुत सी वनस्पतियों में प्राकृतिक रूप से ही बहुत सारे पौष्टिक गुण होते हैं जो शरीर की ऊर्जा जरूरत को पूरा करने में पूर्ण समर्थ होते हैं साथ ही क्षतिग्रस्त क़ोशिकाओं की मरम्मत और फ्री रैडिकल्स को नष्ट करने में भी समर्थ होती हैं और ऐसी वनस्पतियों को प्रोसेस करके  टैबलेट्स, कैपस्यूल या  पाऊडर में बदल कर खाने योग्य बनाया जाता है।

क्योंकि ये पदार्थ हमारे एक्स्ट्रा फूड यानी अतिरिक्त भोजन की  जरुरत को पूर्ण करती हैं इसीलिए इन्हें फूड सप्पलीमेंट्स कहा जाता है , ये हैल्थ को बनाने में सहायक होते हैं इसलिए इनको हैल्थ सप्पलीमेंट्स भी कहा जाता है।
हर वो चीज जो हमारे भोजन या ऊर्जा की जरूरत को भोजन के अतिरिक्त तरीके से पूरी कर सकती है ,उसे फूड या हैल्थ सप्पलीमेंट्स कह सकते हैं।
हम दैनिक जीवन में बहुत सारी ऐसे खाद्य पदार्थों का उपभोग करते आ  रहे हैं जिनको इस श्रेणी में रख सकते हैं जैसे च्वनप्राश,  घी, शहद, मुरब्बा, चटनी,   सर्दियों में खाये जाने वाली मेवों के लड्डू आदि ।

वेस्टिज ने बहुत सारे न्यूट्रास्यूटिकल्स को हैल्थ या फूड सप्पलीमेंट्स की श्रेणी पेश किये हैं जो शरीर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ क्षतिग्रस्त क़शिकाओं ,टिश्यूज़ या अंग की मरम्मत करने में सफल हैं और अच्छी सेहत को बरकरार बनाये में भी भलीभांति सफल हैं।
वेस्टिज ने इन सप्पलीमेंट्स को उपयोगिता के दृष्टिकोण से  अलग अलग श्रेणियों में बाँटा है,जैसे: 

1- Vestige  Prime :
मल्टी विटामिन गम्मीज,मेटामांइड, क्रिल आयल, सी बकथोर्न, कोम्बायोटिक्स, एनर्जी बूस्टर ।

2- Immunity  Boost :
स्पुरूलीना, नोनी, गेनोडर्मा, कोलोस्ट्रम, ऐलो वेरा, आँवला, 
3- Pro  Heart : फ्लैक्स आयल, क्यू 10, एल आर्जीनाइन, 

4- Fitness  + Diet :
प्रोटीन पाउडर, वेस्लिम कैपस्यूल, वेस्लिम शेक, वेस्लिम  टी, एच एम बी ( HMB)

5- Glycemic  :
नीम कैपस्यूल,स्टिविया टैबलेट्स, प्रीग्लोको हैल्थ कैपस्यूल

6- Joints  & Bone Health :कैल्शियम, ग्लूकोसमाइन, कोलोजन

7- Women Health : शतावरी, क्रेनबेरी,फोलिक और  आयरन प्लस ,हेयर- स्किन- नेल्स, हर ओन , यू कंट्रोल

8- Detox  & Rejuvenation
फुट पैचेस, गेनोडर्मा,मेलाटोनिन, आइ सपोर्ट, कर्कुमिन प्लस ।

9- Ayusante :
प्रोस्टेट केयर,टौक्सक्लीन, किडनी हैल्थ, वाइटल कौंपलैक्स, रेस्पोकेयर, प्रोकार्ड, लीवर हैल्थ, ग्लूकोहैल्थ ।
10- Healthy Foods:
जीटा स्पेशल टी, जीटा स्पाइस टी, काफी, राइस ब्रान कुकिंग आयल, इनर्वा हैल्थी सीरियल  ब्रेकफास्ट, इनर्वा  हैल्थी बार्स, इनविगो प्रोटीन पाउडर, इनविगो न्यूट्रीशनल प्रोटीन पाउडर, इनविगो फ्रेशन अप ड्रिंक

याद रखें कि बीमारी होने के इलाज करना या करवाना मजबूरी होती है, बीमारी की नौबत ही न आये.,ऐसा काम करना समझदारी होती और इस काम में पर्याप्त पौष्टिक भोजन के साथ रोजाना कुछ जरूरी फूड सप्पलीमेंट्स लेना वाकई दूरदर्शी और समझदारी का परिचय है।

कौन से हैल्थ सप्पलीमेंट्स लेने चाहिए?

अगर किसी को कुछ हैल्थ प्रोब्लम है ,चाहे उसकी दवाई चल रही हों या नहीं, कुछ ऐसे हैल्थ सप्पलीमेंट्स लेने चाहिए जो उस समस्या में लाभदायक हैं,इसकी जानकारी कोई भी अनुभवी वेस्टिजियन आपको दे सकता है, आप इसके बारें में इस लेख के वाहक या लेखक से भी पूछ सकते हैं।

अगर किसी को कोई हैल्थ प्रोब्लम नहीं है तो  इम्युनिटी बूस्टिंग की श्रेणी वाले कुछ हैल्थ सप्पलीमेंट्स लेना सर्वोत्तम होता है।

कितने समय तक हैल्थ सप्पलीमेंट्स लेने चाहिए?

हमारे शरीर की सभी कोशिकाएं हर तीन महीने पूरी तरह बदल जाती हैं ,इसलिए हैल्थ सप्पलीमेंट्स कम से कम तीन महीने लेने चाहिए ।
तब तक लेते रहने चाहिए जब तक हैल्थ प्रोब्लम जड़ से दूर नहीं हो जाती , इसमें कुछ महीने तो लगेंगे ही।

अगर आप इम्युनिटी बढ़ाने के लिये हैल्थ सप्पलीमेंट्स लेना चाहते हैं तो  आप इन्हें कितने भी लंबे समय तक लगातार ले सकते  हैं या  हर 3-4 महीने  के बीच में कुछ दिन छोड़ कर दुबारा शुरू कर सकते हैं।

अगर आप भोजन से ही सभी आवश्यक पौष्टिक तत्व आवश्यक मात्रा में ले रहे तो तब फूड या हैल्थ सप्पलीमेंट्स लेने की आवश्यकता नहीं है।
फूड सप्पलीमेंट्स तभी लेने चाहिए जब आपको  दैनिक  भोजन में सभी आवश्यक पौष्टिक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं या आपको कोई हैल्थ समस्या है और आप उसे जल्द और जड़ से दछर करना चाहते हैं।
अगर आप हैल्थ सप्पलीमेंट्स लेने के लिये डाक्टर की सलाह लेना चाहते हैं तो जरूर लें।
अपनी शंका को पूरी तरह दूर करने के बाद ही लेना बेहतर होगा।
फूड सप्पलीमेंट्स के बारें में अपनी जानकारियां भी जरूर बढ़ाये क्योंकि ये जीवनरक्षक भी हैं, इसके लिये सर्वोत्तम पुस्तक:- "क्या आपका डाक्टर फूड सप्पलीमेंट्स के बारें में जानता है?" ( "Does Your Doctor Know about Food Supplements?") आप इस शानदार ग्यानवर्धक और हर घर में उपलब्ध रहने लायक पुस्तक को औनलाइन भी खरीद सकते हैं, 

इस पुस्तक का आमेजन वैबसाइट से खरीदने का  लिंक दिया गया है, इसे क्लिक करके आप इस पुस्तक को घर बैठे खरीद सकते हैं ,इसमें दी गई बेहद शानदार और उपयोगी जानकारियों से अपना और अपनी फैमिली के साथ सेहतमंद लाइफ का आनंद लेने में सफल रहेंगे और दूसरों का भी मार्गदर्शन कर सकेंगे।
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