नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस को क्यों 21वीं शताब्दी का बिजनेस क्यों कहा जाता है?
Why network marketing business is called business of 21st century?
| Networking: key to Succeed |
Network Marketing आने वाले समय का Business है ,यह बहुत पहले से , 1970 से अब तक सुनते आ रहे हैं। आखिर वो आने वाला वक्त कौन सा है?
कब वह वक्त आयेगा इसके बारे में कोई ठोस जवाब पहले नहीं मिल पाता था क्योंकि तब तक इस बिजनेस पर शंकाओं के बादल अधिक थे,सफलताओं की कहानियां कम थी ,कुछ गिने चुने लोग ही सफल हो पाते थे और जो सफल थे वे अधिकतर पहले से ही समाज में उच्च वर्ग ,उच्च मध्यम वर्ग , शिक्षित ,प्रभावशाली ,संपन वर्ग के थे ।
समाज के मध्यम या निम्न वर्ग से या साधारण लोगों की सफलतायेंं ना के बराबर थी। लेकिन गत 10-15 वर्षों में समाज के सभी वर्गों ,शिक्षित ,अशिक्षित ,हर आयु वर्ग के स्री पुरूषों की सफलतायें बहुत तेजी से देखनी को मिल रही है,विशेषकर अपने देश भारत में। इन सफलताओं ने इस बिजनेस की स्वीकार्यता को बहुत तेजी से बढ़ाना शुरू कर दिया है ।
अब हम कह सकते है कि यह बिजनेस 21वीं सदी का सबसे तेज गति से बढ़ने वाला और सबसे बेहतरीन बिजनेस है ।जिस पर अब शंकायें नहींं ,यकीन है और रही सही शंकायें दूर होती जा रही हैं और यकीन अधिक से अधिक बढ़ता जा रहा है।
भारत में नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस का भविष्य/
Future of network marketing business in india /Network marketing business in 21st century
आपको शायद सुनने में अजीब लगे but ये हक़ीक़त बहुत तेजी से सबके सामने आ रही है ये और बात मैं हवा में नहीं क ह रहा हूँ। इस बात में 100% सच् चाई है।
Network Marketing पूरी दुनिया में बहुत तेज़ी से grow कर रही है। और जब तक दुनिया में लोग रहेंगे तब त कये business चलता रहेगा। क्योंंकि
लोगों से ही यह business चलता हैं। यही बात इस बिजनेस की आत्मा है।
इस बिजनेस की मूलभूत जानकारी के लिये पढ़े:-
नेगेटिव फेज से निकलते निकलते अब तक ढेंरों सफलताओं के बाद भी अभी भी कोई इस business को फ़ँसाने वाला बिज़नेस कहता है...
कोई इसे बेवकूफ बनाने वाला काम कहता है...
कुछ इसे फालतू लोगों का काम समझ ते हैं....
और कोई इसे time waste मानता है.....
इसमें मैं किसी को दोष भी नहीं देता।
इसका simple सा reason है अभी भी Network Marketing की proper knowledge लोगों तक नहीं पहुँच पायी है।
दुनिया में कुछ काम ऐसे भी होते हैं जो लोगों को आसानी से समझ नहीं आते।
जैसे “आज हम लोग पुरे दिन में ना जा ने कितनी बार Facebook / व्हाट्सएप/ मैसेंजर पे chatting करते हैं।और उसके हम से कोई पैसे भी नहीं लिए जाते, फिर भी कमाई के मामले में Facebook का नाम top 10 websites मेंआता है।”
कई लोगों ये बात समझ भी नहीं आती होगी कि Facebook कमाई भी करता होगा या नहीं।अगर किसी को पता भी होगा तो उसका reason ही नहीं प ता होगा कि income कैसे और कहाँ से होता है।
चलिए दोस्तों सबसे पहले ये समझना बहुत ज़रूरी है कि कोई भी industry बनती कैसे है?
और चलती कैसे है?
अगर ये चीज़ आपको समझ आ गयी तो आ पको ज्यादा कुछ deep में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। पहले ये जानना बहुत ज़रूरी है कि कोई भी industry बनती कैसे ?
बिजनेस के दौर ,PHASES OF INDUSTRIES
दुनिया में हरेक industry को 4 phase से गुजरना पड़ता है, और
दुनियाँ मेंं हरेक उद्योग ऐसे ही बने थे और और आगे भी ऐसे ही बनेंगे:-
- Negative Phase
- Positive Phase
- Growth Phase
- Competition Phase
ये 4 phase क्या हैं ??
अब इनके बारे में थोड़ा detail से समझ लेते हैं।
1- नकारात्मक दौर /Negative Phase:
हर industry की शुरुआत negative phase से ही होतीहै, ये वो दौर होता है जब कोई नया business model market में आता है लेकिन लोगों को समझ नहीं आता। और वे इसे नका र देते हैं।और trust करना इतना आसान भी तो नहीं होता।
मन में एक सवाल आता है कि नयी ची ज़ है क्या पता चले ना चले।
जैसे “शुरुआत में जब banking शुरू हु ई थी तो लोगों को bank पे बिल् कुल भी भरोसा नहीं था।उनको लगता था bank हमारे पैसे लेके कभी भी भाग
सकता है। अपने पैसे को घर में र खना ही सुरक्षित मानते थे”
“Insurance Sector को लोगों ने आते ही नका र दिया था, वजह था trust की कमी । और reason भी जायज़ था। जब तक किसी ने insurance
“Insurance Sector को लोगों ने आते ही नका
करवा के इसका लाभ ना लिया तब तक
कोई यकीन कैसे कर सकता था। कंप्यूटरीकरण को शुरूवात में भी इसी तरह नकार दिया गया था कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी जबकि इसी की वजह आज लाखों करोडों रोजगार के अवसर पैदा हो गये हैं।
और भी बहुत सारे example हैं like IT industry, Telecom sector, Online Shopping and many more. ऐसे बहुत से example हैं जिन्हे लोगों ने आते ही“ना” कह दिया था।
और भी बहुत सारे example हैं
यह दौर हर किसी इंडस्ट्री के लिये सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होता है
2- सकारात्मक दौर /Positive Phase:-
ये वो time होता है जब लोगों को इस industry पर भरोसा होना शुरू हो जाता है। अब लोग उस business model को स्वीकार करना शुरू कर देते हैं। उनका नज़रिया positive यानी सकारात्मक होने लगता हैं। इसका सबसे बड़ा reason होता है result दिखना।
जब लोगों के सामने result आने शु रू हो जाता है तो लोगों का trust/ भरोसा अपने आप बढ़ने लगता है। और वही लोग इसमें दिलचस्पी दिखाने लगते हैं जो पहले इसे ignore कर रहे थे।
Bank पे लोगों को तब trust हुआ होगा जब किसी रिश्तेदार, दोस्त या पड़ोसी ने bank में पैसे रखे होंगे औरउनको safety के साथ साथ interest भी मिला होगा। Insura nce की value तब पता लगी होगी ज ब किसी पहचान वाले की दुर्घटना के बाद उसके घ रवालों को insurance का पैसा मि ला हो।
इस दौर में हर कोई इंडस्ट्री में तेजी आना शुरू होने लगती है। लोग फायदा उठाना चाहते हैं।
3- विकासशील दौर/Growth Phase:-
एक बार किसी industry पे trust होने के बाद तो उस industry की growth बहुत जल्दी और बहुत ज्या दा हो जाती है। अब किसी को industry के बारे में ज्यादा कु छ बताने या समझाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ये वह time होताहै जब लो ग उस industry में invest या का म करना चाहते है। नतीजा यह होता है business अपनी पूरी speed सेgrow होना शुरू हो जाता है। Maximum लोग industry के growth phase में आने के बाद काम शुरू करते हैं। समाज का हर वर्ग इस दौर का फायदा उठाना चाहता है ।इसका सबसे बढ़िया और नजदीकी उदाहरण है तार वाले फोन से मोबाइल फोन पर आना और बेसिक मोबाइल से स्मार्टफोन का दौर आना ।
4- प्रतिस्पर्धी दौर /Competition Phase:-
यह एक ऐसा वक़्त होता है जब उस industry में competition बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।अब अधिकतम लोग industry की growth देखकर इसमें काम करना शुरू कर दे ते हैं।
ज्यादा लोगों के काम करने से
ज्यादा profit के लिए सब एक दू सरे से competition करने लगते हैं ।
आज maximum sectors में competition हो रहा है।चाहे Bank हो, Insurance sector हो, Telecom होया Online Shopping हर जगह competition शु रू होचुका है।
Industry choose करने का सही time कौन सा है ? What is best time to choose a industry?
अगर मेरी राय की बात करें तो मैं किसी भी industry में काम करने का सबसे पहला सही टाइम Negative phase को मानता हूँ फिर उसके बाद ग्रोथ फेज। क्यूँकि यही वो time होता है जब आपके साथ competition करने वा ले ज्यादा लोग नहीं होते और grow करने का scope भी बहुत ज् यादा होता है।
जब कोई industry negative zone या ग्रोथ फेज में हो और सब इसे नकार रहे हो या शुरूवाती सफलता का दौर चल.रहा हो तो एक बार इस sector को deeply समझने की कोशिश ज़रूर की जिये। इसके आगे growth के chances पे research करके ही को ई भी decision लेना सही होता है ।
किसी ने शुरूवाती दो phase में किसी industry में entry की और काम करना शुरू कि या और एक टाइम बाद जब industry की अच्छी growth हो जाय तो उस person को कितनी बड़ी success मि लेगी। ये समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है।
Network Marketing बिज़नेस क्यों ??
Network marketing business अभी negative phase से निकल कर ग्रोथ फेज में प्रवेश ही कर रही है। इसके बाद भी इस काम को करने के कुछ reasons हैं –
*Negative Phase से बाहर आते आते इस business ने कई सारे successful और करोड़पति पैदा कर दिए हैं।
*कम या बिना investment के start हो जाता है।
*Leadership quality को improve करता है।
*Positive लोगों का साथ रहके
*कम या बिना investment के
*Leadership quality को improve करता है।
*Positive लोगों का साथ रहके
*motivational मिलता है।
*आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
*इन्सान के अंदर जीत का ज़ज्बा पै दा कर देता है।
*आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
*इन्सान के अंदर जीत का ज़ज्बा पै
* एक्स्ट्रा इनकम के साथ साथ लगातार बढती रहने वाली पैसिव इनकम कमाने का मौका देती है।
*हकीकत में आर्थिक स्वतंत्रता पाने का अवसर देती है
* परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने का अवसर देती है
* समय को अपने मन मुताबिक बिताने की आजादी का मौका देती है।
* मनपसंद जिंदगी जीने के साधनों को हासिल करने का जरिया बनती है।
*सपनों को हासिल करना मुमकिन होता है।
* दूसरों को सफल बनाने मेंं मदद करने का अवसर मिलता है।
* आर्थिक आजादी मिलने से समाज के लिये अधिकतम योगदान करने के लिये सामर्थ्य मिलती है।
इसके अलावा और भी अनेको फायदे मिलते हैं
Network Marketing का वर्तमान और भविष्य
Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI) network marketing को आने वाले दिनों में India में बहुत बड़ीIndustry के रूप में स्वीकार कर चुका है।
अगर अभी FICCI की report की बात करें तो Network Marketing / Direct Selling industry का size 12000 करोड़ रूपये आँका गया है।
पिछले कुछ सालों में 20% growth रेट से India में direct selling business ने growth की है और इस situation को देखते हुए FICCI के अनुसार 2025 तक direct selling 645 अरब रूपये ( 64 हजार करोड़ ) का व्यापर बन जायेगा।
Developed countries like अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन ,जापान, कोरिया, थाईलैंड, वि यतनाम और सिंगापुर आदि ने तो इस industry को काफी हद तक अपना लि या है और लोग भी बहुत जागरूक हैं इस industries से।
अब भारत में भी बहुत तेजी इस इंडस्ट्री ने गति पकड़नी शुरू कर दी है । देश में 1995 -96 से कुछ देशी और विदेशी कंपनियों ने इस इंडस्ट्री में कदम रखा जो अब काफी बड़ी इंडस्ट्री बन चुकी है।
भारत की अपनी एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी वेस्टिज मार्केटिंग प्रा. लिमिटेड ने 2004 मे शुरूवात करते बहुत तेजी से सफलताओं की बाढ़ लगाते हुये दुनियाभर मे टाप 100 में अकेली भारतीय कंपनी होने का अनोखा रिकॉर्ड बना डाला और 2019-20 में वैश्विक रैकिंग में 30वीं रैकिंग लेकर अपने इरादे बता दिये।
वाकई इस इंडस्ट्री का भविष्य बहुत उज्जवल है और इस इडंस्ट्री में शामिल होने का बेस्ट टाइम भी यही दौर है....



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